Sad Shayari

हम ने रोती हुई आँखों को

हम ने रोती हुई आँखों को हँसाया है सदा,
इस से बेहतर इबादत तो नहीं होगी हमसे।

तुम्हें लगता होगा न ..

तुम्हें लगता होगा न .. कि कितना बुरा हूं मैं ..
लगने की बात है … मुझे तो खुदा लगे थे तुम ..

ऐ मेरे पाँव के छालो

ऐ मेरे पाँव के छालो… जरा लहू उगलो,
सिरफिरे मुझसे सफ़र के निशान माँगेंगे।

जिन जख्मो से खून नहीं

जिन जख्मो से खून नहीं निकलता समझ लेना
वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है।

क्यों बहाने करते हो मुझसे

क्यों बहाने करते हो मुझसे रूठ जाने के
साफ़ साफ़ कह देते दिल में जगह नहीं है हमारे लिए

वो मिली भी तो क्या मिली

वो मिली भी तो क्या मिली बन के बेवफा मिली,
इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली।

सिर्फ हम ही जानते हैं

सिर्फ हम ही जानते हैं इस दिल की बेकरारी,
हमें जीने के लिए तुम्हारी जरुरत है
सांसों की नहीं.

आज भी मेरे बदन से आती है

आज भी मेरे बदन से आती है तेरे ही सांसों की महक,
तेरे बाद किसी को सीने से लगाया नहीं हमने!!

तू किसी और के लिए होगा

तू किसी और के लिए होगा समंदर-ऐ-इश्क़।
हम तो रोज़ तेरे साहिल से
प्यासे गुज़र जाते हैं।।

अब मोहब्बत नही रही इस

अब मोहब्बत नही रही इस जमाने में, क्योंकि लोग
अब मोहब्बत नही मज़ाक किया करते है इस जमाने में।