• Sad Shayari in Hindi

    अल्फाज़ तो बहुत है

    अल्फाज़ तो बहुत है मोहब्बत को जताने के लिए !
    जो मेरी खामुशी नहीं समझ सका
    वो मेरी मोहब्बत क्या समझे गा !!

    मेरे सब्र की इन्तेहाँ क्या पूछते हो

    मेरे सब्र की इन्तेहाँ क्या पूछते हो ‘फ़राज़’
    वो मेरे सामने रो रहा है किसी और के लिए।

    वो भी दिन थे जब हम भी पिया करते थे,

    वो भी दिन थे जब हम भी पिया करते थे,
    यूँ न करो हमसे पीने पिलाने की बात,
    जितनी तुम्हारे जाम में है शराब,
    उतनी हम पैमाने में छोड़ दिया करते थे।

    इश्क को सर का दर्द कहने वाले सुन,

    इश्क को सर का दर्द कहने वाले सुन,
    हमने तो ये दर्द अपने सर ले लिया,
    हमारी निगाहों से बचकर वो कहाँ जायेंगे,
    हमने उनके मोहल्ले में ही घर ले लिया।

    दुख का समा मुझे घेर लेता है

    दुख का समा मुझे घेर लेता है,
    जब तेरी याद में ये पल भर के लिए होता है,
    ना जाने कब वो दिन आएगा,
    जब हर पल इस ज़िन्दगी का तेरे साथ गुजर जाएगा।

    मत कर हंगामा पीकर हमारी गली में

    मत कर हंगामा पीकर हमारी गली में,
    हम तो खुद बदनाम है तेरी मोहब्बत के नशे में

    मुहब्बत साथ हो जरूरी नहीं

    मुहब्बत साथ हो जरूरी नहीं..
    पर मुहब्बत जिन्दगी भर हो ये बहुत जरूरी है

    हम तो बने ही थे तबाह होने के लिए,

    हम तो बने ही थे तबाह होने के लिए,
    तेरा छोड़ जाना तो महज़ बहाना बन गया।

    मयखाने से पूछा आज इतना सन्नाटा क्यों है,

    मयखाने से पूछा आज इतना सन्नाटा क्यों है,
    बोला साहब लहू का दौर है शराब कौन पीता है।

    किस मुँह से इलज़ाम लगाए

    किस मुँह से इलज़ाम लगाए
    बारिश कि बौछारों पर
    हमने खुद तस्वीर बनायीं थी
    मिटटी कि दीवारों पर