• Romantic Shayari

    लाखों हसीन हैं

    लाखों हसीन हैं इस दुनिया में तेरी तरह,
    क्या करें हमें तो तेरी रूह से प्यार है। ?

    छुपाना चाहता हूँ

    छुपाना चाहता हूँ तुम्हे अपनी आग़ोश में इस क़दर,
    कि हवा भी गुज़रने की इज़ाजत माँगे,
    हो जाऊँ मैं मदहोश तुम्हारे इश्क़ में इस क़दर,
    कि होश भी आने की इज़ाजत माँगे।

    अगर आए तुम्हे हिचकियाँ

    अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,
    तो माफ़ करना मुझे,
    क्योंकि इस दिल को आदत है,
    तुम्हे याद करने की|

    सुनो कितना फर्क एक पागल शब्द में

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    सुनो कितना फर्क एक पागल शब्द में.

    जमाना कहे तो गुस्सा और तुम कहो तो प्यार आता है.

    उतर गए हो मेरी रग-रग में

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    कुछ यूँ उतर गए हो मेरी रग-रग में तुम,
    कि खुद से पहले एहसास तुम्हारा होता है।

    तू हर चीज मांग ले

    Romantic Shayari

    तू हर चीज मांग ले तुझ पर कुर्बान है,
    बस एक जान मत मांगना क्योंकि तू ही मेरी जान हो..😘

    ना रूठना हम से हम मर जायेंगे

    romantic shayari

    ना रूठना हम से हम मर जायेंगे,
    दिल की दुनिया तबाह कर जायेंगे,
    मोहबत की है हम ने कोई मज़ाक नहीं,
    दिल की धड़कन तेरे नाम कर जायेंगे.

    जब तू पास आता है

    एक पल के लिए जब तू पास आता है,
    मेरा हर लम्हा ख़ास बन जाता है,
    सँवरने सी लगती है ये ज़िन्दगी अपनी,
    जब भी तू मेरी बाहों में मुस्कुराता है।

    Mujhe pata nahin kya ho jata hai,
    neend aati nahin or chain kho jata hai,
    phir dil bechain ho jata hai,
    or khwaab kuch aisa aata hai,
    ki aap ka hath hamare hathon mein,
    or sar hamare kandhe pe nazar aata hai…
    -Manpreet Singh
    Kya saza teri kya kasoor humara
    Jannat jahan ko tune dojak ki aag se jalaya
    Kaash teri aankhon ke vaade meri palko tak na baaste
    Teri yaadon ki baarish sawaan ki tarah na barasti
    Kaash khayalon ke dariya ko tum saahil na banate
    Dil churake na dil todte to ye bebasi na hoti
    Pyaar ke khel me teri jeet aur meri haar na hoti…

    Kya aap jante hai ?
    Prem ek meetha zahar hai.
    Prem fursat ka vyapaar hai
    Prem manavta ka dusra naam hai
    Prem dilon ko kholne wali kunji hai.
    Prem ishwariya soundarya ki bhook hai.
    Prem samay aur isthan ki seema se dur hai.
    Prem ek yesa divya pushp hai, jo kabhi nahi murjhata.
    Prem ishwar ki den or jeevan ki madhurtam vastu hai.