2 line Shayari

हम ने रोती हुई आँखों को

हम ने रोती हुई आँखों को हँसाया है सदा,
इस से बेहतर इबादत तो नहीं होगी हमसे।

तुम्हें लगता होगा न ..

तुम्हें लगता होगा न .. कि कितना बुरा हूं मैं ..
लगने की बात है … मुझे तो खुदा लगे थे तुम ..

ऐ मेरे पाँव के छालो

ऐ मेरे पाँव के छालो… जरा लहू उगलो,
सिरफिरे मुझसे सफ़र के निशान माँगेंगे।

जिन जख्मो से खून नहीं

जिन जख्मो से खून नहीं निकलता समझ लेना
वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है।

जिद में आकर उनसे ताल्लुक

जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।

आसान नहीं है हमसे

आसान नहीं है हमसे यूँ शायरी में जीत पाना..!!
हम हर एक लफ्ज़ मोहब्बत में हार कर लिखते हैं।

“कभी कभी ख़ुद की

“कभी कभी ख़ुद की ग़लती भी मान लेनी चाहिए…
शायद कोई अपना दूर होने से बच जाए।”

सोचा था आज तेरे सिवा

सोचा था आज तेरे सिवा कुछ और सोचुँ !
अभी तक इस सोच में हुँ कि और क्या सोचुँ !!

पक्षी पर्यावरण के

पक्षी पर्यावरण के संकेतक हैं.
यदि वे खतरे में हैं तो हम जानते हैं कि
हम भी जल्द ही खतरे में होंगे.

आप रुक सकते है

आप रुक सकते है लेकिन समय नहीं,
इसलिए धीरे ही सही लेकिन चलते रहे।