2 Line Shayari in hindi

यूँ तो हर शाम उम्मीदों में गुजर जाती थी
आज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया

आगे सफर था और पीछे हमसफर था..

रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हमसफर छूट जाता..

यूं तन्हाई मे बैठे ही मुस्करा लेते थे„जानते थेकि तुम साथ हो
आज सही मायनों मे साथ हो पर,मुस्कराने की वजह साथ नही…

धूप मायूस लौट जाती है, छत पे किसी बहाने आया कर।
कौन कहता है दिल मिलाने को, कम-से-कम हाथ तो मिलाया कर।

शिकायते बयां करना इसलिए मुश्किल होता है की जिसे

हम सुनना चाहते हैं वो हमे सुनकर भी बेखबर बना रहता हैं ….!!

उम्र अपने हसीन ख्वाबों की मैंने तो तेरे प्यार को दे दी…

नींद जीतनी थी मेरी आँखों में सब तेरे इंतज़ार को दे दी.

हर रोज बहक जाते हैं

हर रोज बहक जाते हैं मेरे कदम, तेरे पास आने के लिये!

ना जाने कितने फासले तय करने अभी बाकी है तुमको पाने के लिये..!

बेताबी-ओ-सुकून

बेताबी-ओ-सुकून की हुईं मंज़िलें तमाम,
बहलाएं तुझ से छूट के तबियत कहाँ – कहाँ ?

कितना लुत्फ ले रहे हैं लोग मेरे दर्द-ओ-ग़म का…
ऐ इश्क देख तूने तो मेरा तमाशा ही बना दिया ।

रात को कह दो, कि जरा धीरे से गुजरे;
काफी मिन्नतों के बाद, आज दर्द सो रहा है।