• Sad Shayari

    मैंने तुझे उस वक़्त चाहा

    मैंने तुझे उस वक़्त चाहा
    जब तेरा कोई नहीं था और
    तूने मुझे उस वक़्त छोड़ा
    जब तेरे सिवा मेरा कोई न था

    सिर्फ हम ही जानते हैं

    सिर्फ हम ही जानते हैं इस दिल की बेकरारी,
    हमें जीने के लिए तुम्हारी जरुरत है
    सांसों की नहीं.

    आज भी मेरे बदन से आती है

    आज भी मेरे बदन से आती है तेरे ही सांसों की महक,
    तेरे बाद किसी को सीने से लगाया नहीं हमने!!

    अब मोहब्बत नही रही इस

    अब मोहब्बत नही रही इस जमाने में, क्योंकि लोग
    अब मोहब्बत नही मज़ाक किया करते है इस जमाने में।

    शायद कोई तो कर

    शायद कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी
    तब ही तो मेरी याद तुम्हे अब नहीं आती

    अल्फाज़ तो बहुत है

    अल्फाज़ तो बहुत है मोहब्बत को जताने के लिए !
    जो मेरी खामुशी नहीं समझ सका
    वो मेरी मोहब्बत क्या समझे गा !!

    अनजान थे हम अनजान

    अनजान थे हम अनजान ही रहने दो,
    किसी की यादों में हमें पल पल यूँ ही मरने दो,
    क्यों करते हो बदनाम लेकर नाम हमारा,
    अब तो इस नाम को गुमनाम रहने दो।

    सोचा था आज तेरे सिवा

    सोचा था आज तेरे सिवा कुछ और सोचुँ !
    अभी तक इस सोच में हुँ कि और क्या सोचुँ !!

    माना मौसम भी बदलते है

    माना मौसम भी बदलते है मगर धीरे – धीरे ….
    तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है …

    अब न करूंगा अपने दर्द

    अब न करूंगा अपने दर्द को बयाँ
    जब दर्द सहना मुझको ही है
    तो तमाशा क्यों करना