Romantic Shayari

हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा

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हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा देते हो
मोहब्बत का…
कभी खुद से भी पूछा है
इतनी खूबसूरत क्यूँ हो!

“तुमको” देखा तो “मोहब्बत”

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“तुमको” देखा तो “मोहब्बत” भी समझ आई …
वरना इस “शब्द” की ‘तारीफ़’ ही “सुना” करते थे!

हमनें हाथ फैला कर इश्क

हमनें हाथ फैला कर इश्क मांगा था,
सनम ने हाथ चूमकर जान निकाल दी..

खुशबू की तरह आसपास बिखर

खुशबू की तरह आसपास बिखर जायेंगे,
सुकून बनकर दिल में उतर जायेंगे,
महसूस करने की कोशिश कीजिये,
दूर होकर भी आपके पास नजर आएंगे।

जमाना अगर हम से रूठ

जमाना अगर हम से रूठ भी जाये तो,
इस बात का हमें गम न कोई होगा,
मगर आप जो हमसे खफा हो गए तो,
हम पर इस से बड़ा सितम न कोई होगा।

हाल तो पूछ लू तेरा पर

हाल तो पूछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी,
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है।

ज़िन्दगी तुम मेरी बन जाओ

ज़िन्दगी तुम मेरी बन जाओ रब से और क्या माँगू,
जीने की वजह बन जाओ बस ये ही दुआ माँगू।

चाहत है या दिल्लगी या यूँ ही

चाहत है या दिल्लगी या यूँ ही मन भरमाया है,
याद करोगे तुम भी कभी किससे दिल लगाया है।

तलाश मेरी थी और

तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो।
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है,
आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो।

तुम मिल गए तो मुझ से

तुम मिल गए तो मुझ से नाराज है खुदा,
कहता है कि तू अब कुछ माँगता नहीं है।