• प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था

    Bewafa Shayari Image

    प्यार किया था तो प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था,
    वफ़ा के बदले मिलेगी बेवफाई कहाँ मालूम था,
    सोचा था तैर के पार कर लेंगे प्यार के दरिया को,
    पर बीच दरिया मिल जायेगा भंवर कहाँ मालूम था.

    दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे
    कई जन्मों से तेरे पीछे चलते रहे
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