फासले तो बढ़ा रहे हो

फासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना
के मोहब्बत बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती.

दिल दुखाने का काम
हम घबराकर आँखे झुका लेते
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