• खुशबु आ रही है कही से

    खुशबु आ रही है कही से
    गांजे और भांग की
    शायद खिड़की खुली रह गयी है
    मेरे महाकाल के दरबार की…

    मैनें तेरा नाम लेके ही
    मुझे क्या डराएगा मौत
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