Dard Shayari

सिर्फ हम ही जानते हैं

सिर्फ हम ही जानते हैं इस दिल की बेकरारी,
हमें जीने के लिए तुम्हारी जरुरत है
सांसों की नहीं.

आज भी मेरे बदन से आती है

आज भी मेरे बदन से आती है तेरे ही सांसों की महक,
तेरे बाद किसी को सीने से लगाया नहीं हमने!!

जिद में आकर उनसे ताल्लुक

जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।

आसान नहीं है हमसे

आसान नहीं है हमसे यूँ शायरी में जीत पाना..!!
हम हर एक लफ्ज़ मोहब्बत में हार कर लिखते हैं।

अल्फाज़ तो बहुत है

अल्फाज़ तो बहुत है मोहब्बत को जताने के लिए !
जो मेरी खामुशी नहीं समझ सका
वो मेरी मोहब्बत क्या समझे गा !!

सोचा था आज तेरे सिवा

सोचा था आज तेरे सिवा कुछ और सोचुँ !
अभी तक इस सोच में हुँ कि और क्या सोचुँ !!

माना मौसम भी बदलते है

माना मौसम भी बदलते है मगर धीरे – धीरे ….
तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है …

अब न करूंगा अपने दर्द

अब न करूंगा अपने दर्द को बयाँ
जब दर्द सहना मुझको ही है
तो तमाशा क्यों करना

वो मिली भी तो क्या मिली

वो मिली भी तो क्या मिली
बन के बेवफा मिली,
इतने तो मेरे गुनाह ना थे
जितनी मुझे सजा मिली।

कौन कहता है नफ़रतों में

कौन कहता है नफ़रतों में दर्द है मोहसिन,
कुछ मोहब्बतें भी बड़ी दर्द नाक होती है।