• Bewafa Shayari

    इबादत रब दी होबे ता चेहरा यार दा होबे

    इबादत रब दी होबे ता चेहरा यार दा होबे
    सजदे खुदा दे ते रस्म प्यार दी होबे
    आशिक़ाँ दे मज़हब दी की दस्सीये,
    ज़िकर रब्ब दा ते गल दिलदार दी होबे

    वो करते हैं शिकायत हमसे कि हम

    वो करते हैं शिकायत हमसे कि हम
    हर किसी को देखकर मुस्कुराते हैं,
    शायद उन्हें नहीं पता कि हमें हर
    मुखड़े में सिर्फ वो ही नज़र आते हैं।

    मुहब्बत साथ हो जरूरी नहीं

    मुहब्बत साथ हो जरूरी नहीं..
    पर मुहब्बत जिन्दगी भर हो ये बहुत जरूरी है

    यादें रह जाती है याद करने के लिए

    यादें रह जाती है याद करनेके लिए ,
    और वक़्त सब लेकर गुजर जाता है ,

    तन्हा मौसम है और उदास ‪‎रात‬ है

    तन्हा मौसम है और उदास ‪‎रात‬ है
    वो मिल के बिछड़ गये ये ‪‎कैसी मुलाक़ात‬ है,
    दिल धड़क तो रहा है मगर ‎आवाज़‬ नही है,
    वो धड़कन भी साथ ले गये ‎कितनी अजीब‬ बात है!

    अब जानेमन तू तो नहीं

    अब जानेमन तू तो नहीं,
    शिकवा-ए-गम किस से कहें
    या चुप हें या रो पड़ें,
    किस्सा-ए-गम किससे कहें।

    मोहब्बत का नया दौर

    Bewafa Shayari Image

    ये उनकी मोहब्बत का नया दौर है,
    जहाँ कल मैं था आज कोई और है।

    फ़र्ज़ था जो मेरा निभा दिया मैंने

    Sad Shayari Image

    फ़र्ज़ था जो मेरा निभा दिया मैंने,
    उसने माँगा जो वो सब दे दिया मैंने,
    वो सुनके गैरों की बातें बेवफ़ा हो गयी,
    समझ के ख्वाब उसको आखिर भुला दिया मैंने.

    प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था

    Bewafa Shayari Image

    प्यार किया था तो प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था,
    वफ़ा के बदले मिलेगी बेवफाई कहाँ मालूम था,
    सोचा था तैर के पार कर लेंगे प्यार के दरिया को,
    पर बीच दरिया मिल जायेगा भंवर कहाँ मालूम था.

    प्यार तो हमने किया है

    sad shayari

    उसके चेहरे पर इस क़दर नूर था,
    कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था,
    बेवफा भी नहीं कह सकते उसको ज़ालिम,
    प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था।