• बात गुरूर की नहीं

    चमक सूरज की नहीं मेरे किरदार की है,
    खबर ये आसमाँ के अखबार की है,
    मैं चलूँ तो मेरे संग कारवाँ चले,
    बात गुरूर की नहीं, ऐतबार की है।

    तुम्हें चाहता हूं
    गुस्सा करने का हक
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